जौनपुर। जब शासन की दूरदर्शी नीतियाँ और जनसामान्य की जागरूकता एक सूत्र में बंधती हैं, तब राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और अधिक सुदृढ़ होती है। इसी प्रेरक क्रम में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आह्वान पर मीरपुर, भण्डारी स्टेशन निवासी विद्वान व कर्मनिष्ठ शिक्षक राममूरत यादव, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रामपुर बैजापुर, विकास खंड करंजाकला ने भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अपने जीवन में साकार कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह योजना आधुनिक युग का मानो वह शुभ आदेश है, जिसके माध्यम से सूर्य स्वयं प्रत्येक गृह को प्रकाश और शक्ति की सौगात प्रदान कर रहा है। इस पहल से न केवल विद्युत व्यय में उल्लेखनीय कमी आती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त होता है। राममूरत यादव ने जनसामान्य को प्रेरित करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत अपने आवास की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करने वाले प्रत्येक परिवार को वर्ष भर में 300यूनिट तक नि:शुल्क विद्युत की सुविधा प्राप्त होती है। साथ ही सोलर पैनल की स्थापना पर 40प्रतिशत तक अनुदान(सब्सिडी) भी प्रदान की जाती है, जिससे मासिक विद्युत व्यय में उल्लेखनीय राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि जब घर सूर्य की स्वच्छ ऊर्जा से आलोकित होते हैं, तब न धुआँ उठता है और न ही कार्बन उत्सर्जन का भार बढ़ता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ता है और पर्यावरणीय संतुलन बना रहता है। उन्होंने जनमानस से आह्वान किया कि वे इस योजना को अपनाकर न केवल अपने घरों को, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी उज्ज्वल बनाएं। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.गोरखनाथ पटेल ने राममूरत यादव को अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया।
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बीएसए के हाथों राममूरत यादव हुए सम्मानित



