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Homeअपना जौनपुरबिना मान्यता और मानक विहीन चल रहे दर्जनों अवैध हॉस्पिटल

बिना मान्यता और मानक विहीन चल रहे दर्जनों अवैध हॉस्पिटल

  • सेहत का सौदागरों ने बिछा रखा अवैध अस्पतालों का जाल
  • अवैध हॉस्पिटलो पर जांच के नाम पर सिर्फ हुई खानापूर्ति
  • अवैध पॉली क्लीनिक संचालक लुट-घसोट करने में मस्त, अधिकारी मौन

रामसरन यादव

केराकत। तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर गरीबों की जिंदगी से खिलवाड़ के साथ ही गाढ़ी कमाई को चूस रहें हैं। अवैध निजी अस्पताल और क्लीनिक एक ‘उद्योगÓ का रूप ले चुके हैं, जहां मरीजों को आर्थिक रूप से कंगाल बनाया जा रहा है, और उनकी जान भी जोखिम में डालकर नकली डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य से महज 20मीटर दूरी पर तमाम अवैध हॉस्पिटाल बिना मान्यता और मानक विहीन धड़ल्ले से चल रहा है जिसपर अधीक्षक चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। केराकत स्टेशन रोड़, सरकी रोड़, टीवीएस एजेंसी के नीचे, मनियरा चौराहा, सिहौली चौराहा सहित अन्य जैसे क्षेत्रों में कई अस्पताल या तो पूरी तरह अवैध हैं, या उनके रजिस्ट्रेशन की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि रजिस्ट्रेशन के लिए भले ही बड़े और वैध डॉक्टरों की डिग्रियां लगाई जाती हों, लेकिन हकीकत में इलाज ‘झोलाछापÓ(बिना वैध डिग्री वाले) डॉक्टर कर रहे हैं। ये नकली डॉक्टर मरीजों पर अनावश्यक, महंगे ऑपरेशन और दवाइयां थोपकर उन्हें लूट रहे हैं। दवा और ऑक्सीजन की कालाबाजारी मानवता को शर्मसार करते हुए, इन अवैध सेंटरों पर दवा और ऑक्सीजन की भयानक काला बाजारी हो रही है। जानकारी के अनुसार, 300 का मेरोपेनम 1.5 ग्राम इंजेक्शन 4,000 या उससे अधिक में बेचा जा रहा है। वहीं, 600 के ऑक्सीजन सिलेंडर के इस्तेमाल के लिए मरीजों से 10,000 से 12,000 तक की मनमानी वसूली की जा रही है। सिर्फ कागजों तक सीमित कार्रवाई मरीजों से जनरल और प्राइवेट वार्ड के नाम पर भी मनमानी फीस वसूली जा रही है। दु:खद है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। सूत्रों के अनुसार, जिन अस्पतालों को सील किया जाता है, वे भी कुछ ही दिनों में फिर से खोल दिए जाते हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं केराकत में इलाज अब सेवा न होकर एक उद्योग बन चुका है। आम जनता की ओर से प्रशासन से पुरजोर मांग है कि इन मौत के सौदागरों पर सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाए, ताकि केराकत व जिले की जनता को सही और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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