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एसएसपी कुँवर अनुपम सिंह ने किया पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण

जौनपुर। Jaunpur SSP Inspection के तहत जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह...
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बांस-बल्ली व टेलिफोन पोल के सहारे गांव हो रहे रोशन

  • चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण करते जे.ई. और एसडीओ
  • 3 से 4 सौ मीटर की दूरी पर चला बिला पोल के कनेक्शन

जौनपुर धारा,जौनपुर। जौनपुर के मियाँपुर डिविजन के उपखण्ड कार्यालय हुसेनाबाद जफराबाद चतुर्थ से संचालित ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर बांस-बल्ली व टेलिफोन के खम्भों के सहारे बिजली की आपूर्ति दी जा रही है। वहीं बारिश होने पर बांस बल्ली में करंट आने का खतरा रहता है।

लोगों की शिकायत के बाद भी इन स्थानों पर बिजली की आपूर्ति के लिए खंभे नहीं लगवाए गए हैं। उपभोक्ताओं को उनके आवेदन के बाद औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विभाग बिजली का कनेक्शन देता है। जिसमें 40 मीटर से अधिक दूरी वाले कनेक्शनों पर स्टीमेट बनाकर नया पोल लगाकर उपभोक्ता के घर तक आपूर्ति देने के लिए केबल डाली जाती है। लेकिन उक्त डिविजन के जिम्मेदार अधिकारी कनेक्शन के नाम पर उपभोक्ताओं के कई गुना अधिक पैसे वसूल कर 3 से 4 सौ मीटर तक की दूरी तक पर कनेक्शन दे रखा है।

इस लापरवाही में जे.ई.व एसडीओ की भूमिका अहम बताई जाती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में आज भी बांस-बल्ली, पेड़ों और टेलिफोन के खम्भों के सहारे ही केबिल डालकर बिजली की आपूर्ति घरों तक दी जा रही है। बारिश के दिनों में करंट आने का खतरा बना रहता है। नगर के शिवापार, कुद्दूपुर, रसैना, रंजीतपुर, रामदयालगंज सहित आदि तमाम हाईवे से सटे गांवों के तरफ जाने वाले लिंक मार्गों पर सैकड़ों मकानों को टेलिफोन व बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति कराई जा रही है। यही नहीं मेन रोड पर लगे बिजली के खंभे से लोगों के घरों तक बांस-बल्ली के सहारे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इस रास्ते से स्कूल जाने वाले बच्चे भी गुजरते हैं।

हमेशा करंट लगने का खतरा रहता है। वहीं क्षेत्र के जे.ई.और एसडीओ महज बकाया वसूली के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण करतें नजर आतें है, लेकिन बिजली आपूर्ति की सप्लाई को सुचारू रूप से संचालित करने के तरफ इनका ध्यान आकर्षित नहीं होता है। आलम यह है कि किसी भी समस्या को लेकर पावर हाउस जाने पर उसका निस्तारण नहीं होता है बल्कि वहां मौजूद कर्मियों के शोषण का शिकार अलग से होना पड़ता है।

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