- डीआईजी की दखल से थमा निर्माण कार्य, वीडियो हुआ वायरल
केराकत। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत अवहदपुर गांव में जमीनी विवाद के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद दबंग विपक्षियों ने पुलिस की सह पर विवादित भूमि पर जबरन कब्ज़ा करते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार इलाज के लिए मुंबई गया हुआ था, जिसका फायदा उठाते हुए करीब 50लोगों की भीड़ के साथ निर्माण कराया गया। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। आरोप है कि पुलिस कब्जाधारियों का साथ देती रही और पीड़ित परिवार के बच्चों व महिलाओं को जबरन थाने ले जाया गया। यहां तक कि घर में दो माह का मासूम भूख से तड़पता रहा, जिसे पड़ोस की एक महिला ने देखभाल कर संभाला। पीड़ित फूलचंद यादव ने इस मामले की शिकायत एसपी सहित अन्य अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने वाराणसी डीआईजी को फोन कर पूरी घटना से अवगत कराया। डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद ही चंदवक पुलिस हरकत में आई और कब्ज़ाधारियों का निर्माण कार्य रुकवाया गया। गांव में पुलिस की भूमिका को लेकर आक्रोश चरम पर है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय दबंगों का साथ दिया। सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब चंदवक थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह से कब्ज़े के बारे में सवाल किया गया। उनका बयान था कि जिसका रहेगा, वही निर्माण करेगा। यह बयान न सिर्फ न्यायालय में लंबित मुकदमे पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। गांव में इस घटना को लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है।



