Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरना जाने किस क्षण इसको छोड़ना पड़ जाये क्षणभंगुर जीवन : पंकज...

ना जाने किस क्षण इसको छोड़ना पड़ जाये क्षणभंगुर जीवन : पंकज महाराज

करंजाकला। संत पंकज महाराज अपने 97वें पड़ाव पर ग्राम जंगीपुर में सत्संग सन्देश सुनाते हुये कहा कि प्रेमी भाई-बहनों हमारा यह जीवन क्षणभंगुर है। ना जाने किस क्षण इसको छोड़ना पड़ जाये। कोई भी दवा, उपाय या हिकमत आपकी एक भी श्वांस बढ़ा नहीं सकता है। देखते-देखते ये बाल-बच्चे, घर, मकान, शान ओ शौकत सब यहीं श्मशान भूमि पर छूट जायेगा। सोचो। आपके साथ क्या जायेगा। इसलिये अब भी चेतो और बचे हुये समय में प्रभु का भजन कर लो। यही किया हुआ भजन आपको भविश्य की भयावह स्थितियों से बचायेगा। यह सरल युक्ति है, सुमिरन, ध्यान, भजन की क्रिया ही इस कलयुग की सरल साधना है। संस्थाध्यक्ष ने शाकाहार अपनाने तथा शराब, ताड़ी आदि नशीले पदार्थों से परहेज करने की अपील भी किया। साथ ही कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी के अन्दर संस्कारों की कमी देखी जा रही है। पहले के समय में माता-पिता अपने चार-चार बच्चों को पाल लेते थे। आज वही डिग्री डिप्लोमा किये हुये बच्चे अपने माता-पिता को नहीं खिला पा रहे हैं। शादी हो गई, तो घर परिवार बांट दिया, जमीन जायदाद बांट दिया। यहां तक कि मां, बाप को भी बांट कर रख दिया, कि 15 दिन तुम खिलाओ और 15 दिन के बाद हमारे पास छोड़ दो। इस अवसर पर ऋशिदेव श्रीवास्तव, बृजमोहन यादव, राज महातम यादव, कानपुर देहात अध्यक्ष राम सिंह आदि के साथ संस्था की प्रबन्ध समिति व सामान्य सभा के सदस्यगण उपस्थित रहे।

Share Now...