- श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस धूमधाम से मना कृष्ण जन्मोत्सव
जौनपुर धारा, जौनपुर। जलालपुर क्षेत्र के ताला मझवारा गांव में पंडित दुबरी चौबे के आवास पर चल रहे श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह महायज्ञ के चतुर्थ दिवस मंगलवार को काशी से पधारे कथावाचक पंडित आचार्य प्रमोद त्रिवेदी ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल ब्रज में खो गया। जय जयकार और नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की…जैसे भजनों से पूरा पंडाल गूंज गया। कथा श्रवण कराते हुए उन्होंने कहाकि जब-जब धर्म की हानि होती है, इस पृथ्वी में तब-तब भगवान अधर्म का नाश करने और धर्म का पताका फहराने स्वयं आते है। कंस के अत्याचार और संतों के कष्टो को दूर करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने कंस के कारागृह में अवतार लिया। जन्म के समय माया से सभी पहरेदार सो जाते हैं एवं कारागार का ताला खुल जाता है। कथा की झांकी में बासुदेव बने पंडित रवि शंकर चौबे भगवान कृष्ण की प्रतिमा लिए यमुना पार करके कृष्ण को गोकुल में छोडकर आते हैं और वहां से योगमाया रूपी कन्या लेकर आते है और योगमाया कन्या ने कंस को याद दिलाया कि अब उसका अंत निश्चित है। यहां गोकुल में जैसे ही नंद बाबा यशोदा ने भगवान को देखा तो सब कुछ बलिहार कर दिया और फिर पूरे चौरासी कोस ब्रज को बुलाकर कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। सभी देवी देवता भी रूप बदल बदलकर दर्शन करने पहुंचे। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म की झांकी भी सजाई गई। कृष्ण के जन्म होते ही भजनों पर सभी भक्त झूम उठे। इस मौके पर मंगल देव यादव, कन्हैया लाल यादव, शिवनारायण यादव, पंडित राजेश मिश्रा, नन्हु चौरसिया, कमलेश यादव, पंकज पांडेय, राजन पांडेय, हलधर यादव, आरती चौबे, सुषमा, किरन, पिंकी, प्रिया, रीतू, प्रियंका चौबे समेत भारी संख्या में महिला व पुरुष कथा की ज्ञान गंगा में देर रात तक गोता लगाते रहे।



