गोरखपुर: क्रिसमस का त्योहार खुशियों और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. प्रभु यीशु के जन्म का उत्साह मसीही समाज के लोगों के साथ आमजन के अंदर भी दिख रहा है. क्रिसमस के त्योहार को लेकर सप्ताह भर पूर्व से आयोजन चल रहे हैं. चर्च को सजाने के साथ प्रभु यीशु के जन्म का इंतजार पूरा हो गया. क्रिसमस यानी शनिवार की रात 12 बजते ही ईसाई समाज के लोगों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर क्रिसमस मनाया. लोग देर रात तक चर्च में जुटे और प्रार्थना की. पुरुष, महिलाओं के साथ बच्चे और बुजुर्ग भी इस अवसर पर प्रार्थना में सम्मिलत हुए. आपको बताते चलें की गोरखपुर के बशारतपुर के सेंट जॉन चर्च में शनिवार की देर रात 12 बजे के बाद यीशु का जन्मदिन मनाया गया. ईसाई समाज के लोगों ने प्रार्थना सभा में एक साथ सम्मिलित होकर देश और दुनिया में शांति, खुशहाली और एकता का संदेश दिया.
गोरखपुर के बशारतपुर स्थित सेंट जॉन चर्च में भी प्रभु यीशु के जन्म के बाद ईसाई समाज के लोगों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर बधाई दी. इस दौरान समाज के लोगों ने चर्च में प्रार्थना की. ईसाई समाज की महिला अमृता हिज़्केल ने बताया कि वर्षभर उन लोगों को क्रिसमस के त्योहार का इंतजार रहता है. परमेश्वर ने प्रभु यीशु को हम लोगों के बीच भेजा. 25 दिसंबर को उनके जन्मदिन को वे लोग क्रिसमस के रूप में धूमधाम से मनाते हैं. देर रात प्रार्थना की जाती है. एक-दूसरे को केक खिलाया जाता है. कैरल सॉन्ग गाते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं.वही दूसरे विशाल जैकब ने कहा कि प्रभु यीशु का जन्म केवल मसीह समाज के लोगों के कल्याण के लिए नहीं हुआ. हर धर्म और समाज के कल्याण के लिए उनका जन्म हुआ. बाइबिल में इसका वर्णन है. सत्य के मार्ग पर चलते हुए जब आप आगे बढ़ते हैं, तो मानव का कल्याण होता है. परमेश्वर ने अपने इकलौते पुत्र प्रभु यीशु को इसीलिए धरती पर हम लोगों के बीच भेजा. जिसने भी उनके सत्य के मार्ग का अनुसरण किया उसका नाश होने से बच गया.



