जौनपुर।122 दिवसीय शाकाहार-सदाचार मद्यनिशेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा ने रैक्ल ब्रह्म बाबा मैदान धरौरा में कल सायंकाल इक्तालिसवां पड़ाव डाला। आज यहां आयोजित सत्संग संदेश में पंकज महाराज ने ”मिली नर देह यह तुमको, बनाओ काज कुछ अपना। पचो मत आय यहि जग में जानियों रैन का सपना। पंक्तियों को उद्धृत करते हुये कहा कि आपको यह अनमोल मानव तन बड़े भाग्य से मिल गया है तो जीते जी प्रभु की प्राप्ति करने वाले किसी सन्त सत्गुरु की तलाश करें, वह जो दया का प्रसाद दें, उसे लेकर अपनी आत्मा का कल्याण करा लें। इस कलियुग में दयालु प्रभु ने सन्तों को धराधाम पर भेजा। उन्होंने कहा यह समय धर्म, मजहब, जाति-पांति के लड़ने का नहीं। अब तक बहुत लड़ाईयां लड़ ली इससे नफरत के सिवा क्या मिला? इसलिये आवश्यकता है परस्पर प्रेम सद्भाव से रहने की। एक-दूसरे की नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने की। प्रेम, दया, करुणा आदि मानवीय गुणों को अपनाने की। यदि महापुरुषों के उपदेशों को मान लेंगे तो बच जायेंगे अन्यथा खाई खन्दक में जा गिरेंगे। महाराज जी ने सबके सुखद भविष्य की मंगल कामना करते हुये समस्त आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।
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दयालु प्रभु ने सन्तों को धराधाम पर भेजा : पंकज महाराज

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