- पीएम आवास हेतु भेजे गए 17 पात्रो में से सिर्फ दो मिले पात्र
जौनपुर धारा, खुटहन। खुटहन खण्ड विकास अधिकारी के द्वारा नामित तीन सदस्यीय जांच टीम ने पीएम आवास मामले में ग्रामप्रधान व सचिव की पोल खोलकर रख दिया। फोन पर एक ग्रामीण की शिकायत पर बीडीओ की सतर्कता व सजकता से सरकारी धन का दुरुपयोग होने से बच गया। गौरतलब है कि गोबरहा ग्रामप्रधान और सचिव के द्वारा 17ग्रामीणों को पीएम आवास हेतु पात्र बताकर ब्लॉक पर एक सूची बनाकर भेजी गयी थी। खण्ड विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि फोन कर एक व्यक्ति ने सूचित किया कि गाँव के अपात्रों को कागज पर पात्र बताकर आवास दिया जा रहा है। इतना सुनते ही बीडीओ ने मामले की तह तक जाने हेतु तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दिया। सदस्यों ने गॉव जाकर जमीनी जांच की तो हकीकत सामने आ गयी। प्रधान व सचिव द्वारा ब्लॉक मुख्यालय पर भेजी गई 17लाभार्थी पात्रो की सूची में से सिर्फ 2ही पात्र मिले। बीडीओ ने 15 अपात्रों को सूची से नाम कटवा दिया। इसी तरह अभी कुछ दिन पहले ग्राम पंचायत बीरी समसुददीनपुर की जांच में भी भ्रष्टाचार की पोल खुल चुकी है। इन दो जांचों से यह साबित हो रहा कि ग्रामप्रधान, सचिव से मिलीभगत करके अनुचित तरीके अपने चहेतों को पात्र बताकर सरकारी धन का बंदरबांट करने का प्रयत्न कर रहे है। सरकारी योजनाओं का लाभ अपात्रों को दिया जा रहा है। इसी तरह की जांच यदि अन्य गावों में करायी जाय तो कागज पर कई पात्र, जमीनी जांच में अपात्र निकलेंगे।



