जौनपुर। कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी वेस्ट बंगाल के माध्यम से बांग्लादेश किए जाने की बात सामने आई है। यह खेल जनपद में वर्ष 2023 से ही चल रहा है। इसका संपर्क सीधे रांची से हैं, जिसका बड़ा सेंटर जौनपुर बन गया था। मौजूदा समय में 15फर्म इस खेल से जुड़ गए थे, जिनके नाम अब सामने आए हैं। ये वाराणसी के नामचीन फर्मों को बिलिंग करते थे। बदले में इन्हें मोटा कमीशन मिलता था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के मुताबिक शैली ट्रेडर्स, प्लाट नंबर-187/188, टुपूदाना इण्डस्ट्रीयल एरिया हटिया रांची, झारखंड से प्रतिबंधित सीरप की बिलिंग का खेल संचालित किया जाता था। इसका बड़ा सेंटर जौनपुर बन चुका था। यहां वर्ष 2023 से खेल संचालित हो रहा था। हालांकि वर्ष के अंत 2024 के शुरुआत में की गई कार्रवाई के बाद कुछ कमी आ गई थी। लेकिन, कमीशन के चक्कर में यहां के छोटे-बड़े फर्मों के मालिक भी जुड़ गए, जिनका सफेदपोशों से भी गहरा नाता बताया जाता है। इनमें 15 फर्मों का नाम भी जांच में सामने आ गया है। यह वाराणसी के वाराणसी के मुख्य रूप से सात फर्मों के नाम बिलिंग करते थे, जिनमें काशी, महादेश, गैलेक्सी जैसे नामों के फर्म शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के मुताबिक अब तक 15 फर्मों का नाम सामने आ चुका है। जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इस खेल में शामिल शहर कोतवाली क्षेत्र के पूर्वाचल एसोसिएट के मालिक अंकित कुमार श्रीवास्तव का नाम सामने आया है। जिनके फर्म से 4.60 लाख बोतल की बिलिंग की बात सामने आई है। वहीं गुप्ता ट्रेडिंग बालवरगंज, सुजानगंज के मालिक सौरभ गुप्ता के यहां से 60 हजार बाटल की बिलिंग की गई है। मिलन ड्रग सेंटर, ढालगरटोला के मालिक अरूण प्रकाश मौर्य के यहां से 1 लाख 87 हजार 950 बोटल की बिलिंग की गई है।
- तीन और फर्म के खिलाफ होगी कार्रवाई
आकाश, शिवम और मून मेडिकल का भी नाम इस खेल में सामने आया है। जिनके यहां की गई जांच के दौरान कोडिन युक्त सीरप बरामद हुई हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के मुताबिक इन फर्मों के भी खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


