जौनपुर। कोहरे के साथ बेशुमार ठंड और गलन जारी है, कोहरे का प्रकोप बुधवार की रात से शुरू हुआ जो निरन्तर बढ़ता गया। सुबह 10बजे तक इससे दृश्यता कम होने से वाहन चालक लाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे।

भयंकर ठण्ड और गलन झेलने को विवश हैं। लोग कयास लगा रहे हैं कि आज धूप निकलना मुश्किल है। हालांकि पांच से 10किमी की रफ्तार से चल रही तीखी पछुआ हवा भीषण ठंड और गलन में इजाफा कर दी है। परिषदीय स्कूल और सीबीएसई के स्कूल बंद रहने से छोटे बच्चों को राहत मिली है। वैसे कोहरे के बीच लोगों को सुबह रोजमर्रा के कार्य निपटने में परेशानी उठानी पड़ी।

सर्वाधिक दिक्कत पशुपालकों और नवजातों की देखभाल करने वाली माताओं को हुई। रोज मजदूरी करके परिवार चलाने वाले मजदूरों की काफी दुर्दशा हो रही है। जिले में कड़ाके की पड़ रही ठंड से जनजीवन बेहाल हो गया। घने कोहरे से दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। सर्द हवा चलने से ठंड का सितम बढ़ता जा रहा है। गलन से लोग ठिठुरते हुए नजर आए। तीन दिनों से लगातार अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान लुढ़क गया।

हाड़ कंपाती ठंड से इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल हैं। सुबह घने कोहरे के साथ दिन की शुरुआत हुई दिन चढ़ने पर दृश्यता में मामूली सा सुधार हुआ। शाम ढलते ही एक बार फिर से घने कोहरे की चादर तन गई।यह औधोगिक क्षेत्र सतहरिया का बृहस्पतिवार की शाम का दृश्य है जहां शाम होते ही सड़क पर गुजरने वाले वाहन हेडलाइट और इंडिकेटर एक साथ जलाकर चल रहे थे। ग्रामीण इलाकों की छोटी बड़ी बाजारों में काफी संख्या में दुकानदार शाम होते ही बाजारों में ग्राहकों की भीड़ कम देख शटर डाउन कर घर चलते बने। पालतू पशुओं और आवारा जानवर ठंड और गलन से शरीर के रोम फुलाकर सिकुड़े नजर आये। कोयले और सूखी लकड़ी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रही।



