Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeदेशटेंडर में गड़बड़ी को लेकर बीएमसी पर लगाये भ्रष्टाचार के आरोप

टेंडर में गड़बड़ी को लेकर बीएमसी पर लगाये भ्रष्टाचार के आरोप

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के युवा नेता और विधायक आदित्य ठाकरे कई दिनों से बीएमसी के काम और टेंडर में गड़बड़ी की बात करते रहे हैं. आदित्य ने बीएमसी पर मुंबई में सड़क निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि इसकी शिकायत करने के बाद भी मनपा प्रशासन ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की. आदित्य के बीएमसी पर उठाए गए सवालों और मुद्दों पर मुंबई महानगर पालिका ने जवाब दिया है. महानगर पालिका ने कहा, “बीएमसी के काम और टेंडर में कोई गड़बड़ी नहीं, उठाए गए सभी सवालों का प्रशासन व्यापक जवाब देता है. बीएमसी की ओर से कहा गया है कि बृहन्मुंबई नगर निगम की शुरू की गई परियोजनाओं को संबंधित नियमों और विनियमों के अनुसार बोली प्रक्रिया में किसी भी कदाचार या अनियमितताओं के बिना निष्पादित किया जाता है. बीएमसी प्रशासन ने विभिन्न प्लेटफार्मों और माध्यमों के जरिए बोली प्रक्रिया के साथ-साथ परियोजनाओं के संबंध में उठाए गए सवालों और चिंताओं का लगातार और हमेशा जवाब दिया है. बीएमसी प्रशासन ने कहा कि वह इस प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराता है. बृहन्मुंबई नगर निगम के तंत्र पर जानबूझ कर कुछ सवाल उठाए जा रहे हैं. 7 मार्च, 2022 को नगर सेवकों की शर्तें पूरी होने के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने नगर आयुक्त को नगर निगम का प्रशासक नियुक्त किया. मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 69 (सी) के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने नगर आयुक्त को 8 मार्च, 2022 से प्रशासक (नगर निगम) / प्रशासक (स्थायी समिति) के रूप में शक्तियां प्रदान की हैं. मुंबई महानगर पालिका ने  मुंबई नगर निगम अधिनियम धारा के अनुसार कहा, ‘नगर निगम अधिनियम धारा के 6 (सी) (1) के तहत नगर निगम और इसकी समितियों के अधिकार क्षेत्र और जिम्मेदारियां अब प्रशासक के पास हैं. इस प्रकार प्रदान किए गए क्षेत्राधिकार और उत्तरदायित्वों को प्रभावी ढंग से निष्पादित किया जा रहा है और प्रशासक द्वारा लगन से कार्यान्वित किया जा रहा है. आदित्य ठाकरे ने बीएमसी पर आरोप लगाए थे कि सड़क बनाने के काम में बड़ा घोटाला हुआ है. इसकी शिकायत करने के बाद भी मनपा प्रशासन ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की. इसलिए इस मामले में हुए सड़क घोटाले और अन्य भ्रष्टाचार की लोकायुक्त से जांच कराने की मांग आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल रमेश बैस से की. आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद कहा कि मुंबई में घोटालों की तमाम जानकारी राज्यपाल को दी गई है. उन्होंने कहा कि 400 किलोमीटर की कुल 100 सड़कों का कांक्रीटीकरण करना था. इसके लिए जनवरी में टेंडर भी निकाला गया था. आगे युवा नेता ने बताया कि अब तक 10 सड़कों का भी काम शुरू नहीं किया गया है. उन्होंने इस रैकेट में मुख्यमंत्री के करीबी को जुड़े होने का आरोप लगाया है.

Share Now...