जौनपुर धारा, जौनपुर। रविवार को स्वामी अड़गड़ानन्द महराज के शिष्य पटना आश्रम से प्रवचन के लिये जौनपुर जिला कारागार में जेल कैदियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि काम, क्रोध और लोभ अपराध की जननी है। इनका परित्याग कर गीता के अनुरूप आचरण करें और एक परमात्मा की शरण में रहें। सृष्टि में इश्वर एक ही है उसे भले ही कई नामों से पुकारते है। प्रवचन के दौरान बताया गया कि आज चैत्र नवरात्रि का प्रथम दिन है। उन्होने बन्दियों से कहा गया कि जेल को सुधार गृह समझे और अपने माता-पिता की सेवा करे। यथार्थ गीता को पढ़े और जो पढ़े-लिखे न हो वो किसी अन्य से पढ़वाकर सुने। अपने तप-बल से स्वामी विवेकानन्द और अन्य त्यागी व्यक्ति महापुरूष हुये। इस दौरान यथार्थ गीता की लगभग 500प्रतियों कैदियों एवं जेल स्टॉफ में वितरित करायी गयी। प्रवचन के समापन पर स्वामी ने कहा कि, इस नश्वर संसार में श्रीकृष्ण ने ओम् के जप पर बल दिया और कहा कि चलते-फिरते, सोते-जागते जब नाम याद आया करे ओम् का जप करे निश्चित कल्याण होगा। इस अवसर पर आचार्य विनय कुमार दूबे, शैलेन्द्र सिंह, राजेश यादव, शुभम, अरविन्द यादव, आनन्द शुक्ला तथा संतोष यादव सहित अन्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राधा कृष्ण शर्मा ने किया। कार्यक्रम के समापन पर जेल अधीक्षक डॉ.विनय कुमार ने पटना आश्रम से आये श्रद्धा बाबा व उनके साथ आये भक्तगणों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर चिकित्साधिकारी डॉ.विनय कुमार राव, प्र.कारापाल धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया व अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।
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एसएसपी कुँवर अनुपम सिंह ने किया पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण
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जेल को सुधार गृह समझे और अपने माता-पिता की सेवा करें…



