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जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
Homeअपना जौनपुरजल बचाने की मुहिम में जन भागीदारी ज़रूरी : प्रो.एम.पी.सिंह

जल बचाने की मुहिम में जन भागीदारी ज़रूरी : प्रो.एम.पी.सिंह

जौनपुर धारा,जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा जल संचयन-जन भागीदारी के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। विशेष व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. एम.पी सिंह ने जल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने  कहा कि जल बचाने की मुहिम में जन भागीदारी ज़रूरी है। जल को बचाने की जिम्मेदारी हर व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष पहले की तुलना में कम वर्षा हो रही है ऐसी स्थिति में हमें कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण हेतु कार्य करने की जरूरत है।  वर्षा ऋतु में आने वाले जल के संरक्षण और उनके सतत प्रबंधन के साथ-साथ भूगर्भ जल का कम से कम दोहन करना होगा। प्रो.सिंह ने बताया कि भारत  मे प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता 1513 क्यूबिक मीटर संकट को दर्शाता है। जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाला समय बहुत ही भयावह होगा,आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। नदियों का जलस्तर भी घटेगा। इससे कृषि और पेयजल प्रभावित होगा इसलिए हमें निरंतर जल संचयन एवं वृक्षारोपण करने की जरूरत है। इन प्रयासों से हम भविष्य की समस्याओं से निजात पा सकेंगे। इस अवसर पर प्रो.रामनारायण ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण से भूजल स्तर को बढ़ाने के उपायों को सुझाया। इस अवसर पर जल संचयन-जन भागीदारी के नोडल अधिकारी, पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए विषय प्रवर्तन किया गया। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के डॉ.एस.पी. तिवारी, डॉ.दीपक कुमार समेत अन्य उपस्थित रहे।