जौनपुर धारा,जौनपुर। मोहम्मद हसन पी.जी.कॉलेज के शिक्षाशास्त्र विभाग (बी.एड.) ने गुरूवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रोफेसर अजय कुमार दुबे, संकायाध्यक्ष, (शिक्षक-शिक्षा) बी.एड संकाय, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अब्दुल कादिर खान की अध्यक्षता में सम्पन्न इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो.दुबे ने अपने व्याख्यान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विशेषताओं, महत्व, उद्देश्यों तथा इसके क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों एवं समाधान पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नीति भारतीय शिक्षा जगत में एक ऐतिहासिक परिवर्तन की दिशा में सार्थक कदम है जो छात्रों की रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार एवं शोध क्षमता को बढ़ावा देगी। सेमिनार के दौरान उन्होंने विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा सहित नीति के सभी प्रमुख बिंदुओं पर अपनी बात रखी। प्राचार्य डॉ.अब्दुल कादिर खान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत को ज्ञान आधारित वैश्विक महाशक्ति बनाना है। यह नीति शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता एवं पहुँच को सुदृढ़ बनाने हेतु अनेक नए अवसर प्रदान करती है। डॉ.अब्दुल कादिर खान ने महाविद्यालय में शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने हेतु शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सदैव तत्पर एवं जागरूक रहने का आह्वान भी किया। संचालन सौलत फरीदी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ सुनील दत्त मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में डॉ.जीवन यादव, डॉ.प्रज्वलित यादव, डॉ.गुलाबचंद मौर्य, डॉ.आशीष कुमार श्रीवास्तव, डॉ.संतोष कुमार यादव इत्यादि, छात्र एवं छात्राएँ उपस्थित रहे। सेमिनार में बी.एड. विभाग के सभी प्रशिक्षुओं, शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम अत्यन्त सफल एवं ज्ञानवर्धक रहा।
― Advertisement ―
संघ का वर्ष प्रतिपदा उत्सव व पथ संचलन आयोजित
जौनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं पथ संचलन का आयोजन बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में किया गया। कार्यक्रम...
छात्रों में शोध क्षमता का हो रहा विकास : प्रो.अजय दुबे

Previous article
Next article


