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एसएसपी कुँवर अनुपम सिंह ने किया पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण

जौनपुर। Jaunpur SSP Inspection के तहत जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह...
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चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मन्दिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

जौनपुर धारा, जौनपुर। रविवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो गया, पहले दिन घरों में कलश स्थापना और दर्शन-पूजन में लोग व्यस्त रहे। शीतला चौकिया धाम, मैहर देवी मंदिर शास्त्रीनगर परमानतपुर समेत सभी देवी मंदिरों में लोग दर्शन-पूजन करने वालों की भीड़ उमड़ी रही। शीतला चौकिया धाम में तड़के सुबह से ही दर्शन पूजन करने वाले पहुंच गए थे। 4:40 बजे पुजारी ने मां की मंगला आरती की। इसके बाद कपाट खोल दिया गया। दर्शन-पूजन का सिलसिला रात साढ़े नौ बजे तक चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चौकियां चौकी की पुलिस बल मंदिर परिसर की लगातार चक्रमण करती रही। यही स्थिति मैहर माता मंदिर में देखने को मिली। मन्दिर का कपाट खुलने के बाद मातारानी का आरती पूजन होने के पश्चात भक्तजनों ने मातारानी के दरबार नारियल चुनरी प्रसाद फूल चढ़ाकर दर्शन पूजन किया।

शहर के इन दोनों प्रमुख मंदिरों में पूर्वांचल के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। भीड़ को देखते हुए मंदिर के सभी कपाट खोल दिए गए। धाम परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित कर लगातार भीड़ को नियंत्रित करने की अपील होती रही। सीसी टीवी कैमरा की मदद से पुलिस निगहबानी कर रही थी। इसी तरह सद्भावना पुल के बगल स्थित नव दुर्गा मंदिर, ओलंदगंज में चौरा माता मंदिर, जागेश्वर नाथ मंदिर, ओलंदगंज के चौरा माता मंदिर, हनुमान घाट, अचला देवी घाट समेत विभिन्न मंदिरों में भी महिलाएं और पुरुषों ने देवी को जल चढ़ाया। मातारानी के दर्शन पूजन के लिए दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियो की लम्बी कतार लगी रहीं। भक्ति गीतों व घण्ट-घड़ियाल की आवाज से वातावरण देवीमय हो गया। उधर लोगों ने अपने-अपने घरों पर कलश स्थापना कर नौ दिवसीय देवी पूजा शुरू कर दिया। प्रात: उठकर स्नान आदि करके तमाम लोगों ने दुर्गा मंदिरों में जल चढ़ाया। चौकिया धाम के महंत विवेकानंद ने बताया पूर्वांचल की आस्था का केंद्र कहे जाने वाली माता शीतला चौकियां का दर्शन करने के बाद ही लोग यहां से विंध्याचल दर्शन करने जाते हैं। माता का दर्शन करने के लिए आजमगढ़, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और अन्य जिलों से दर्शनार्थी यहां दर्शन करने आते हैं।

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