जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र के बेलापार गांव में रविवार की रात करीब ढाई बजे सो रहे युवक पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल छिड़कने के बाद आग लगाकर भाग गए। शोर सुनकर परिवारजनों ने आग बुझाकर समीप स्थित नौपेड़वा सीएचसी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने बेहतर उपचार हेतु जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। आग से चारपाई सहित बिस्तर जलकर राख हो गई। युवक के शरीर का करीब 50 प्रतिशत भाग जल गया है। उक्त गांव निवासी राजेन्द्र प्रसाद यादव का 30 वर्षीय पुत्र विनोद वाहन चलाकर परिवार का जीविकोपार्जन करता है।
मिली जानकारी के अनुसार नौपेड़वा बाजार के पीछे नहर पर स्थित घर पर टिन सेट में चारपाई डालकर सोते समय रात में पहुंचे अज्ञात लोगों ने उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़क आग लगाकर भाग गए। युवक द्वारा शोर मचाने पर उठे परिजनों ने किसी तरह आग बुझा समीप स्थित सरकारी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार पश्चात जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उक्त गांव निवासी राजेन्द्र प्रसाद यादव का 30 वर्षीय पुत्र विनोद कुमार यादव एक वाहन चालक है, जो अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। विनोद अपने घर के पास स्थित नहर के किनारे टिन शेड में चारपाई डालकर सो रहा था, तभी अज्ञात व्यक्तियों ने उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। दो भाइयों में बड़ा झुलसे विनोद के पिता राजेंद्र फालिस के शिकार हैं, जबकि पत्नी की मृत्यु तीन साल पहले हो चुकी है। घटना की सूचना सुबह थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह को मिली तो दर्जनभर से अधिक की संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि जिला अस्पताल पहुंच झुलसे युवक से पूछताछ की तो युवक ने बताया कि मेरे पास मेरा छोटा बेटा भी सोया था। दो बजे रात उसे घर में सुलाकर मैं पुन: अपने बिस्तर पर आकर सो गया, तभी आग की लपट से नींद खुल गई। थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह ने बताया कि आग पेट्रोल की है या बीड़ी सिगरेट की है, जांच की जा रही है। फिलहाल अभी तहरीर नहीं मिली है।
- जांच में जुट गई पुलिस
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटना के सभी पहलुओं की जांच करेंगे और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास करेंगे। गांव में इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। वे चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।इस घटना ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या गांव में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है।



