- गोमती के बढ़े जलस्तर पर शाही पुल से छलांग लगा रहे युवक
जौनपुर। नगर में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार की दोपहर तक हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़कर 14फीट तक पहुंच गया है। अभी यह खतरे के निशान से काफी नीचे है। पानी बढ़कर शाहीपुल स्थित गोमतेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंच गया है। इससे चकप्यार अली और बलुआ घाट के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। केराकत में निर्माणाधीन टाई नाले की पुलिया तक गोमती का पानी पहुंचने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी एसडीएम को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। शनिवार रात तक गोमती का जलस्तर सात फिट था। अब यह तेजी से बढ़ रहा है। इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। रविवार को अस्थाई सड़क पर पानी पहुंचने से केराकत-खुज्जी मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। गुरुवार तक नदी का पानी चेतावनी निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे तक पहुंच गया था। नदी के तटीय इलाके वाले गांव सरोजबड़ेवर, सरौनी पूरब पट्टी और चकरारेत जोखुआना में पानी पहुंचने से खतरा बढ़ रहा है। लगभग सौ एकड़ की फसल जलमग्न हो चुकी है। कुछ गांवों में खेतों तक जाने वाले रास्ते भी बाधित हो गए हैं। मापक केंद्र पसेंवा के अनुसार, जलस्तर बढ़ने की रफ्तार तीन से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे है। एसडीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। गोमती नदी के किनारे वाले गांवों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से बचाव और राहत के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। नियंत्रण और निगरानी के लिए 58 चौकियां बनाई गई हैं। 42गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। सभी तहसीलों के एसडीएम को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। छह तहसीलों में प्रभावित होने वाले 347 गांवों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गोमती नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शाही पुल से छलांग लगाकर युवक अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। वहीं गोमती नदी के तट पर बने घाटों पर लोग बेपरवाही से स्टंट कर रहे हैं।



