- होटल-रेस्टोरेंट में घरेलू सिलेंडर का उपयोग पड़ेगा भारी
जौनपुर। जनपद में ईंधन की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों और घरेलू गैस की किल्लत के बीच जिलाधिकारी डॉ.दिनेश चंद्र ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में होटल व रेस्टोरेंट संचालकों, एलपीजी कंपनियों के अधिकारियों और खाद्य एवं रसद विभाग के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग न किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करना पूरी तरह गैर-कानूनी है और खाद्य तथा रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए निरंतर छापेमारी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। ईंधन की खपत को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए जिलाधिकारी ने होटल संचालकों से सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों का अधिकतम उपयोग करने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकतानुसार विद्युत उपकरण, लकड़ी या कोयले जैसे पारंपरिक संसाधनों का भी उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, पके हुए भोजन को बार-बार गर्म करने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाकर ऊर्जा बचाने की सलाह दी गई। जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। उपभोक्ता अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर, डीजल या पेट्रोल का संग्रहण न करें। प्रशासन ने साफ किया कि घबराने की जरूरत नहीं है, आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।



