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Homeविविधगेहूं-धान नहीं... इस खेती से मालामाल हो गया UP का किसान

गेहूं-धान नहीं… इस खेती से मालामाल हो गया UP का किसान

रायबरेली. किसानों की आय दोगुनी करने के लिए यूपी सरकार लगातार प्रयासरत है. इसलिए किसानों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं. साथ ही सरकार द्वारा कई प्रकार की योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं. जिससे किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सके और प्रदेश के किसान खुशहाल हो सकें. प्रदेश के किसान भी सरकार के इस मंसूबे को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

इसी कड़ी में रायबरेली जनपद के भी किसान अपनी परंपरागत खेती छोड़ उद्यानिक खेती के जरिए लाखों रुपए की आमदनी कर रहे हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं जनपद के शिवगढ़ कस्बे के किसान सूर्यदेव मौर्य की जो बीते लगभग 15 वर्षों से 3 एकड़ ज़मीन पर केले की खेती कर रहे हैं. इससे वह परंपरागत खेती से ज्यादा मुनाफा भी कमा रहे हैं.

परंपरागत खेती से ज्यादा इस खेती में है मुनाफा

किसान सूर्यदेव मौर्य के मुताबिक केले की खेती में 1 एकड़ में लगभग 30 से40 हजार रुपए की लागत आती है. वहीं लागत के सापेक्ष सालाना दो से तीन लाख रुपए तक की कमाई भी हो जाती है. किसान बताते हैं कि वह गांव में ही लगभग आधा दर्जन लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं. जिससे उन लोगों को नौकरी की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ रहा है और उन्हें अपने गांव में ही रोजगार मिल जा रहा है.

केले के पौधे की खास बातें

केले के पौधे की साथ खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद ये लंबे समय तक टिकता है. केले के पौधों को कतार में लगाएं तथा लगाते समय हवा और सूर्य की रोशनी का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए. रोपाई के 4-5 महीने बाद हर 2 से 3 माह में गुड़ाई कराते रहे. पौधे तैयार होने लगें तो उन पर मिट्टी जरूर चढ़ाई जाए. इसे बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय इसकी सिंचाईं करने की आवश्यकता होती है.

किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा

जिला उद्यान अधिकारी केशव राम चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के कई किसान ऐसे हैं जो परंपरागत खेती छोड़ उद्यानिकी खेती कर रहे हैं. इससे वो अधिक से अधिक मुनाफा भी कमा रहे हैं. सरकार भी ऐसे किसानों की मदद कर रही है.

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