Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

संघ का वर्ष प्रतिपदा उत्सव व पथ संचलन आयोजित

जौनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं पथ संचलन का आयोजन बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में किया गया। कार्यक्रम...
Homeअपना जौनपुरगड्ढों में 71.50 हजार की लागत से बना सड़क

गड्ढों में 71.50 हजार की लागत से बना सड़क

  • निज़ाम बदला लेकिन नही बहुरे खेतासराय-खुटहन मुख्य मार्ग के दिन

जौनपुर धारा, खेतासराय। एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए सड़क की जरूरत हर इंसान को पड़ती है। लेकिन यदि सड़क जर्जर अवस्था में हो तो उस पर चलना पीड़ादायक होता है। इस पीड़ा को न तो जनप्रतिनिधि और न ही जिम्मेदार समझ रहे है। जिसको लेकर मुख्य मार्ग अब अपने वजूद के लिए तरस रहा है।

हम बात कर रहे है उस मार्ग की जिसको लेकर 2012 में जौनपुर में विधान सभा प्रचार के दौरान एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मार्ग का जिक्र करते हुए। सपा सरकार पर तंज करते हुए कहा कि ‘अगर अखिलेश यादव खेतासराय-खुटहन मार्ग पर साइकिल चला लें तो वह खुद सायकिल को वोट नही देंगे। 2018 में 71.50हज़ार की लगात से 12किलोमीटर बनी सड़क अब जर्जर हो चुकी है। जिसका कोई सुधि लेने वाला अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है। सूबे में निजाम तो बदला लेकिन खेतासराय-खुटहन मार्ग की हालात नही बदले। आपको बता दें कि उक्त सड़क इतना जर्जर अवस्था में पहुँच चुकी है कि साधन छोड़ पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। हर कदम पर टूटी सड़क जलजमाव के कारण खाइ में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग पर आने-जाने वाले राहगीर इसका अंदाज़ा लगा सकते है। इसी मार्ग से बड़े पैमाने पर कॉवड़ जुलूस भी निकलता है। भारी संख्या में कॉवरियों का आवागमन होता है। एसे पथरीले मार्गों से यात्रा करना कष्ट दायक है। इस मार्ग पर दर्जनों शैक्षणिक संस्थाएं संचालित हैं तथा व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। इसके इलावा इसी मार्ग पर गौसपीर बाबा की मजार है। जहाँ पर हजारों की संख्या में जायरीन मत्था टेकने अलग अलग प्रदेशों व जनपदों से आते है। सभी राहगीरों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकास खण्ड, राजकीय पशु चिकित्सालय शाहगंज सोंधी सहित अन्य निजी अस्पताल भी इसी मार्ग पर है। सड़क खराब होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएँ भी बाधित हो रही है। लोगों को टूटी व जलजमाव भरी सड़क का दंश झेलना पड़ता है। इसी सड़क से कस्बा सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में शव का अंतिम संस्कार के लिए पिलकिछा, सुतौली घाट पर दाह संस्कार के लिए होकर आना-जाना भी लगा रहता है। विदित हो कि यह मार्ग तब से ज्यादा चर्चाओं में रहा है जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जर्जर मार्ग का जिक्र करते हुए सपा सरकार की चुटकी लिया था। लेकिन अब यही मार्ग डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी बुरी दशा में है और अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। दुर्दशा तब ज्यादा होती है जब बारिश में सड़क पर बने गड्ढे में पानी भर जाने के बाद लबालब का आकार लेलेता है। पानी से भरे गड्ढे से होकर स्कूली छात्र-छात्राएं साइकिल से गुज़रते है। तो इसी दौरान स्कूली बच्चों के ड्रेस पर छीटा मारते हुए गाड़ियां निकल जाती है। इस सड़क के किनारे कच्ची पटरियाँ व झाड़ियाँ भी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। जिससे आजिज आकर लोगों ने उक्त सड़क को शीघ्र ही बनवाने की मांग किया है जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में भारी जनाक्रोश है। अब देखना होगा डबल इंजन की सरकार या जनप्रतिनिधि इसको अमल में लाकर इसको  संवारने का काम करते है या फिर इसी तरह लोग हिचकोले खाते हुए आते-जाए रहेंगे।

Share Now...