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पुश्तैनी जमीन के लिये दर-दर भटक रही बुजुर्ग महिला

जौनपुर। शाहगंज क्षेत्र में एक भावुक करने वाला मामला सामने आया है जहां बुजुर्ग महिला सरला देवी अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर हक पाने...
Homeअपना जौनपुरहादसे में घायल बृद्ध ने उपचार के दौरान तोड़ा दम

हादसे में घायल बृद्ध ने उपचार के दौरान तोड़ा दम

खुटहन। कानामऊ गांव शाहगंज वाया प्रयागराज राजमार्ग पर एक सप्ताह पूर्व पिकअप की चपेट में आकर घायल साइकिल सवार बृद्ध की बुधवार को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम हेतु भेज दिया है।

गांव निवासी 65वर्षीय रामकुमार बघेल गत 18फरवरी को साइकिल से शाहगंज की तरफ जा रहे थे। पीछे से आ रही पिकअप ने धक्का मार दिया। सिर में चोट आने से वे बेहोश हो गए। स्वजन उपचार हेतु जिला चिकित्सालय ले गए। जहां देखते ही चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

पीयू पर्यावरण विज्ञान विभाग के तीन विद्यार्थी यूजीसी-नेट में सफल

जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के तीन मेधावी छात्रों—साक्षी मौर्य, आकाश चतुर्वेदी एवं सांची सुदास—ने दिसंबर 2025में आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर विभाग एवं विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष का वातावरण है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.वंदना सिंह ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता न केवल विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि विभाग की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक परंपरा का भी प्रमाण है। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके उत्तरोत्तर प्रगति की अपेक्षा व्यक्त की। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ.विनोद कुमार सिंह, डीन प्रो.राजेश शर्मा, पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.विवेक कुमार पाण्डेय, डॉ.मनीष कुमार गुप्ता, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.प्रमोद यादव सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं संकायाध्यक्षों ने भी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों एवं विभाग को बधाई दी।

पीयू में एक मार्च को होगा ‘विकसित भारत युवा संसद-2026’ का आयोजन

जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार, रज्जू भईया संस्थान में 01 मार्च को ‘विकसित भारत युवा संसद-2026Ó के अंतर्गत जनपद स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षकत्त्व में संपन्न होगा।

इस वर्ष युवा संसद का विषय ‘आपातकाल के 50 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए सीखÓ निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को अभिव्यक्त करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जिससे वे लोकतांत्रिक मूल्यों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं ज्यूरी सदस्य के रूप में बृजेश सिंह प्रिंशु सदस्य विधान परिषद जौनपुर उपस्थित रहेंगे। अन्य ज्यूरी सदस्यों में नितीश पाण्डेय, डॉ.पंकज कुमार, जिला सूचना अधिकारी भदोही डॉ.राज बहादुर यादव, पूर्व कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा डॉ.श्याम कन्हैया शामिल होंगे। कार्यक्रम के संयोजक कुलसचिव  केशलाल, नोडल अधिकारी डॉ.शशिकांत यादव एवं गोपाल सिंह है। उल्लेखनीय है कि गतवर्ष ‘विकसित भारत युवा संसद-2025Ó का आयोजन 24 मार्च २०२५ को किया गया था, जिसमें जौनपुर एवं गाजीपुर जनपद से 10छात्र-छात्राओं का चयन हुआ था। चयनित प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला था, जहाँ कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सतीश महाना की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ था।

6 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कई इलाकों में कटौती

जौनपुर। जनपद के नईगंज क्षेत्र स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र में ब्रेकर की मरम्मत के चलते 26 फरवरी को छ: घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अधिशासी अभियंता ने दी।

उन्होने बताया गया है कि सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 33/11केवी विद्युत उपकेंद्र, नईगंज में आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा। मरम्मत कार्य के दौरान सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस अवधि में नईगंज उपकेंद्र से पोषित पालिटेक्निक चौराहा, सिटी स्टेशन, उमरपुर, रूहट्टा, बदलापुर पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, मुरादगंज, नईगंज, तारापुर सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित अवधि के दौरान सहयोग बनाए रखें, ताकि मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कर विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल की जा सके।

उधार के रुपए वापस मांगने पर मां-बेटी को पीटा

जौनपुर। जिले के नेवढ़िया थाना क्षेत्र में रुपये मांगने पर एक महिला और उसकी बेटी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के प्रधान और उनके परिजनों ने मां-बेटी को पीटा और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोकरा नोनौती गांव निवासी विमला देवी (पत्नी त्रिभुवन नाथ दुबे) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने करीब तीन साल पहले गांव के प्रधान मुन्ना सोनकर को दो लाख रुपये उधार दिए थे। लंबे समय तक रुपये वापस न मिलने पर उन्होंने प्रधान से संपर्क किया। विमला देवी के अनुसार, 18 फरवरी की रात करीब 8:30बजे वह अपनी बेटी ज्योति उपाध्याय के साथ प्रधान के घर पैसे मांगने पहुंचीं। पीड़िता का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर प्रधान मुन्ना सोनकर, उनके पुत्र सुशील और परिवार की दो बेटियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब मां-बेटी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि जाते समय विपक्षी पक्ष ने उन्हें दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। विमला देवी ने नेवढ़िया थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सुरक्षा और न्याय की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और मेडिकल रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

टीबी मुक्त भारत के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जौनपुर। सिगरामऊ में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था प्रमुख डॉ.अंजु सिंह के नेतृत्व में लगातार टीबी उन्मूलन को लेकर जन जागरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

संस्था द्वारा गोद लिए गए टीबी मरीजों को नियमित फॉलो-अप के साथ पोषाहार पोटली प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक मरीज के बैंक खाते में पूर्ण उपचार अवधि तक प्रतिमाह रूपये 1000 की सहायता राशि भेजी जा रही है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपना इलाज पूरा कर सकें। टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ.अंजु सिंह को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनकी संस्था ने अब तक 5000 से अधिक टीबी मरीजों को टीबी मुक्त किया है और उन्हें पूरे प्रदेश में यूपीएचएसडीपी के तहत प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। रक्तदान के क्षेत्र में भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मान मिला है। कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी(डीटीओ) डॉ.विशाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है और समय पर जांच व नियमित दवा से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। डॉ. यादव ने लोगों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और फल व प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करने की अपील की। डीटीओ की टीम में सलिल कुमार यादव, नितिन कुमार मौर्य और लोकेश श्रीवास्तव शामिल थे। संस्था ने मुख्य अतिथि और उनकी टीम के सदस्यों को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टीबी के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह भी बताया गया कि टीबी की जांच और दवा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर भारत को टीबी मुक्त बनाना है।

बच्चे से कुकर्म के आरोपित टीडी कालेज के प्रोफेसर दोषमुक्त

जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के निवासी 10वर्षीय बच्चे से कुकर्म के आरोप में टीडी कालेज के विधि विभाग के प्रोफेसर संतोष सिंह, जो यूपी सिंह कालोनी के निवासी हैं, को अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार द्वितीय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। यह मामला तब सामने आया जब बच्चे की मां ने 31 मई 2023 को लाइन बाजार थाने में संतोष सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोप के अनुसार, संतोष सिंह ने बच्चे से व्याकरण की किताब मांगी और उसे अपने साथ ले गए। बाद में आरोप लगाया गया कि किताब वापस लेने गए बच्चे के साथ कुकर्म किया गया। इसके साथ ही, संतोष सिंह ने बच्चे और उसकी मां को शिकायत न करने की धमकी दी और जान से मारने की चेतावनी दी। इस मामले में बच्चे का मेडिकल परीक्षण किया गया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान भी दर्ज किया गया। पीड़ित बच्चे, डाक्टर और अन्य गवाहों के बयान भी लिए गए। हालांकि, इन बयानों में घटनास्थल के संबंध में कई विरोधाभास पाए गए। विशेष रूप से, पीड़ित बच्चा बार-बार अपने बयान बदलता रहा, जिससे मामले की गंभीरता पर सवाल उठने लगे। मेडिकल परीक्षण करने वाले डाक्टर के बयान में भी विरोधाभास था, जो मामले की जटिलता को बढ़ाता है। इसके अलावा, डीएनए रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष विश्वासनीय नहीं पाई गई। इन सभी कारणों से, कोर्ट ने संतोष सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। इस निर्णय ने न केवल आरोपित की स्थिति को स्पष्ट किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि न्यायालय में साक्ष्य की गुणवत्ता और विश्वसनीयता कितनी महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में, जहां एक ओर आरोप गंभीर थे, वहीं दूसरी ओर साक्ष्य की कमी ने न्यायालय को संतोष सिंह को दोषमुक्त करने के लिए मजबूर किया। यह मामला समाज में बच्चों के प्रति सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता को भी उजागर करता है। ऐसे मामलों में साक्ष्य का सही होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि न्यायालय सही निर्णय ले सके। संतोष सिंह को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय में केवल आरोपों के आधार पर निर्णय नहीं लिया जा सकता।

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