- एडीजी से शिकायत कर की मामले के जांच की मांग, मामला बताया फर्जी
जौनपुर धारा,जौनपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र प्रतिष्ठित फर्म कीर्ति कुंज के खिलाफ शनिवार को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसे लेकर यह आरोप लगाया गया कि एचयूआई डी का फर्जी नंबर डालकर हार बेचा गया है। बक्सा थाना क्षेत्र के कुल्हन मऊ कलीचाबाद निवासी हिमांशु मिश्रा पुत्र स्वर्गीय नरेंद्र प्रताप मिश्रा ने आरोप लगाया है। हिमांशु मिश्रा का आरोप है के खरीदे गए हार को बीएसआई द्वारा मानक एचयूआईडी संख्या को जब चेक किया गया तो हार पर अंकित नहीं था। वहीं कीर्ति कुंज के सीएमडी नन्हेलाल वर्मा ने बताया कि यह आरोप केवल हमारे फर्म को बदनाम करने की साजिश है। उन्होने साफ तौर पर बताया कि उपरोक्ता लोग पहले भी इस मामले को लेकर ब्लैकमेल कर चुके हैं, इस मामले की जानकारी नगर कोतवाल और एसपी जौनपुर को पहले भी दी गई थी। लेकिन उन्होने मेरा एफआईआर न दर्ज कर उपरोक्त लोगों का दर्ज कर लिया, वह भी बिना तथ्यों की सही जानकारी हासिल किये। नन्हेलाल वर्मा ने बताया कि एचयूआईडी कोड में ग्राहक ने कूटरचना व जालसाजी कर फर्म को बदनाम करने की साजिश में यह कदम उठाया गया है। उन्होने मुकदमा दर्ज होने के बाद एडीजी वाराणसी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की पूरी जानकारी दी। बताया कि 19फरवरी 2025 को सुधाकर पाण्डे जमालपुर व उनके भान्जे हार खरीदने हेतू कहे जिस पर हमारे सेल्स मैन उदय प्रकाश पाण्डे के द्वारा उन्हें कई हार दिखाए गए, दोनो व्यक्तियो के ने हार पसन्द कर उस हार को दुकान में रखे हुऐ गोल्ड टेस्टिंग मशीन से टेस्ट किया और उसकी शुद्धता देखकर सन्तुष्ट हाने के बाद खरीदा, हार की कीमत 464839रूपये था तथा जीएसटी सहित 478785 रूपये हुआ। जिसपर उक्त दोनो व्यक्तियों ने जीएसटी का भूगतान नही किया गया बाद में देने को बात कहा और चेक माध्यम से 464839 रू की धनरासी अदा कर दी। इसके बाद दोनो व्यक्ति आपस में साजिश करके हमारी फर्म को बदनाम करने तथा धन उगाही की नियत से जालसजि करते हुये एक मेल भेजा कि उनके द्वारा खरीदे गये हार पर अंकित एचयूआईडी नम्बर पर बीआईएस केयर पर सत्यापित कराने पर इयर रिंग दिखा रहा है। नन्हेलाल वर्मा ने कहा कि उक्त के संबध में जांच पडताल विभागी स्तर पर पूर्ण होने के पश्चात प्रभारी निरिक्षक शहर कोतवाली तथा पुलिस अधीक्षक जौनपुर को सुचना दी गयी। जिसके बाद 19 मई 2025 को तथा पुन: 22 मई 2025 को प्राथिमिकी दर्ज करने हेतु प्रर्थना पत्र दिया गया। किन्तु प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी। जब कि कूट रचना तथा धोखा धडी में लिप्त उक्त जालसाजो के प्रार्थना के आधार पर झूठी व गलत रूप से प्राथिमिकि दर्ज कर ली गयी है। उन्होने एडीजी से मांग किया कि मामले की गहनता से जांच कराकर दोषियों के विरूद्घ कार्यवाही किया जाय।



