- नौकरों की तरह माली तथा पेंटर सहित कई कार्य करवाते थे अधिकारी
जौनपुर धारा, सिरकोनी। जलालपुर के बदलापुर गांव निवासी एक सेना के जवान ने अपने उच्चाधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर सोमवार को अपना इस्तीफा भेज दिया। उसे नौकरी छोड़ने का गम भी है। उक्त गांव निवासी हरेंद्र यादव पुत्र गुल्लू यादव भारतीय सेना में 26 दिसम्बर 2015 को सिपाही पद पर नियुक्त हुआ था। हरेंद्र यादव इस समय राजस्थान के जोधपुर में तैनात था। हरेंद्र यादव ने बताया कि उसको यहां पर उसके दो कर्नल तथा तीन चार लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के अधिकारियों द्वारा जमकर प्रताड़ित किया जाने लगा। उससे तथा अन्य कई सैनिकों से गार्डन की घास की कटाई, गार्डन में बच्चों के खेलने के लिए लगाये गए झूले, चरखे आदि की पेंटिंग करवाना, अधिकारियों के बच्चों की देखभाल करवाना सहित कुछ ऐसे कार्य जो बताया नही जा सकता वो भी करवाया जा रहा था। हरेंद्र यादव ने बताया कि वह सेना में सिग्नल कोड पद पर तैनात था जिसका काम सेना कनेक्टिविटी को बनाये रखना होता है। इसके लिए बाकायदा उसके द्वारा विभागीय प्रशिक्षण भी लिया गया था जो काम सेना द्वारा लिये जाने की ट्रेनिंग दी गयी थी उसको छोड़ कर उससे तथा कई अन्य सैनिकों से गैरकानूनी काम कराया जा रहा था। इसकी शिकायत कोर के बड़े अधिकारियों से किया गया था। यह जानकारी होने पर हरेंद्र यादव को और परेशान किया जाने लगा। हरेंद्र परेशान होकर एक जनवरी को छुट्टी लेकर गांव चला आया। गांव आने के बाद राष्ट्रपति, रक्षामंत्री, मुख्यमंत्री, सेना के बड़े अधिकारियों के यहाँ तक कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक को पत्राचार द्वारा अपनी पीड़ा पत्र के माध्यम से बतायी है। हरेंद्र यादव ने बताया कि उसको सेना के अधिकारियों का फोन आया कि सारे शिकायत को खत्म कर आ जाओ परन्तु हरेंद्र यादव ने बातचीत में कहाकि उसको वहां जाने से जान का खतरा है। कोई भी अधिकारी कोई मदद नहीं कर रहा है।



