- छेड़खानी और एससी/एसटी में दर्ज किया मुकदमा, आरोपी अब भी फरार
सिकरारा। थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदबुद्धि महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, लेकिन स्थानीय पुलिस पर पीड़िता की तहरीर को बदलकर मामले को हल्का करने का आरोप लग रहा है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने दुष्कर्म की धारा लगाने के बजाय केवल छेड़खानी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घटना 26जुलाई की है, जब पीड़िता—जो मानसिक रूप से कमजोर है और जिसका विवाह हो चुका है। लेकिन अब मायके में रह रही है। वह अपने घर में अकेली थी, उसी दौरान गांव का एक 55वर्षीय गंगा प्रसाद यादव घर में घुसा और कथित रूप से उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर बलात्कार किया। किसी तरह महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। परिजनों के अनुसार, वे उसी दिन थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने अगले दिन आने की बात कहकर लौटा दिया। 29 जुलाई तक पुलिस मामले को टालती रही। आखिरकार 30जुलाई को पीड़ित परिजनों ने 1076 पर शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर पुलिस हरकत में आई और मेडिकल जांच करवाई। मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद पुलिस ने सिर्फ छेड़खानी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया, जिससे परिजन और स्थानीय जनमानस में आक्रोश है। पीड़िता और उसका परिवार अब उच्च अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। परिजनों का यह भी कहना है कि आरोपी खुलेआम उन्हें धमका रहा है—कि यदि कोई कार्रवाई की गई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस संबंध में पूछे जाने पर सीओ सदर परमानंद कुशवाहा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 164 का बयान दर्ज करवा दिया गया है। विवेचना जारी है और गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी में हो रही देरी उन्हें असुरक्षित महसूस करा रही है। यह मामला प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा नीतियों पर भी सवाल खड़ा कर रहा है, जहाँ एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बता रहे हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर पुलिस की सुस्ती और लापरवाही आरोपियों को बढ़ावा देती नजर आ रही है।



