सिकरारा। स्थानीय क्षेत्र के खानापट्टी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीरामकथा का बुधवार को भव्य समापन हुआ। रामलीला मैदान पर चले इस धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन विश्व कल्याण की कामना से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां दीं। देर शाम आयोजित विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण कर धन्यता अनुभव की। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना, बल्कि गांव की एकता और श्रद्धा का प्रतीक भी साबित हुआ। खानापट्टी गांव के रामलीला मैदान पर पिछले सात दिनों से चल रही श्रीरामकथा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया। अयोध्या से पधारे विद्वान ब्राह्मण पंडित संतोष शरण महाराज, उमेश शास्त्री, आशुतोष महाराज और चंदन महाराज ने रामकथा का रसपान कराया। उनकी मधुर वाणी और गहन व्याख्या ने श्रद्धालुओं को रामायण की गहराइयों में उतार दिया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन, रामचरितमानस के पाठ और प्रवचन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गांववासी सुबह से शाम तक मैदान पर डेरा जमाए रहे, जहां राम-सीता की लीला का मंचन भी आकर्षण का केंद्र रहा। कथा के समापन पर विश्व शांति और कल्याण की कामना से आयोजित महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के संरक्षक दिनेश सिंह की अगुवाई में सातों दिन के मुख्य यजमान डॉ.जोखन सिंह, अनिल सिंह, प्रधान प्रतिनिधि सुशील सिंह, विजय सिंह, जितेंद्र सिंह(जंगली), सुनील सिंह सहित उनके सपत्नीक परिवारों ने हवन कुंड में आहुतियां दीं। इसके अलावा कथा श्रवण करने वाले सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों ने भी यज्ञ में भाग लिया। हवन की लपटें और मंत्रोच्चार की गूंज ने पूरे वातावरण को पवित्र बना दिया। देर शाम आयोजित भंडारे ने आयोजन को यादगार बना दिया। रामलीला मैदान पर फैले विशाल पंडाल में पूड़ी-सब्जी, खीर, हलवा और अन्य व्यंजनों का महाप्रसाद वितरित किया गया। भारी तादाद में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में जय प्रकाश सिंह, अवधेश सिंह, अरविंद नेता, बीडीसी रजनीश सिंह निर्मल, शरद सिंह(पत्रकार), शुभेंद्र सिंह, अमन सिंह, तूफान सिंह, अनन्त सिंह, रिशु सिंह, सहित तमाम ग्रामीणों ने दिन-रात एक कर तैयारी की। मंच सज्जा से लेकर प्रसाद वितरण तक हर कार्य में उनकी सक्रियता दिखी।
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विश्व कल्याण के लिए हवन, विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब

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