- जांच की जाय तो और भी मामलों का हो सकता है पर्दाफाश, लाखों के हेराफेरी की आशंका
जौनपुर धारा
जौनपुर। बसों के संचालन को लेकर जौनपुर डिपो इन दिनों चर्चाओं में बना हुआ है। इसी बीच डीजल चोरी के भी बहुत से मामले सामने आये जिसमें कुछ दिन पहले सीनियर फोरमैन व एआरएम ने एक टोली को पकड़ा था जिसपर डीजल चोरी का आरोप लगाते हुए जेल भेज दिया गया था। हालांकि उक्त मामले में जेल गये लोगों पर आरोप सिद्ध नहीं हो सका। यह कोई पहला मामला नहीं इस तरह के कई और भ्रष्टाचार की सूचनाएं मिलती रही हैं जिसमें गाड़ी की धुलाई से लेकर रिपेयरिंग तक भी शामिल है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर डिपो के वर्कशॉप में गाड़ी की धुलाई को लेकर बड़ा हेरफेर उजागर हुआ है। डिपो के अन्दर चलने वाले भ्रष्टाचार के इस खेल में वर्कशॉप में प्रतिमाह बसों की धुलाई में हजारों का वारा न्यारा किया जा रहा है। मामले की जानकारी में विभागीय अधिकारी हीला हवाली करते नजर आते हैं। वैसे तो धुलाई का ठीका सुपर भूतपूर्व सैनिक सुरक्षा समिति को दिया गया है जिसमें प्रति गाड़ी धुलायी पर 85 रूपये का भुगतान निर्धारित किया गया है। जिसमें गाड़ी की बाहरी व आंतरिक समस्त प्रकार की साफ-सफाई व धुलाई शामिल है। परन्तु विभाग की उदासीनता के कारण बसों पर उपर से पानी मारकर छोड़ दिया जाता है। बसों की आंतरिक सफाई नहीं होती लेकिन भुगतान पूरा कर दिया जाता है। ऐसे में बीते अगस्त 2022 का एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें संस्था द्वारा 1365 बसों की धुलायी का भुगतान करा लिया गया है वहीं डिपो के रजिस्टर पर महज 923 गाड़ियों का ब्योरा अंकित है। ऐसे में कहीं न कहीं विभागीय सांठ-गांठ से धुलायी मामले में भ्रष्टाचार की सुगबुगाहट देखी जा रही है। अगर उच्चस्तरीय जांच की जाय तो अब तक लाखों के घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। उक्त मामले में जब सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी मांगी गयी तो रजिस्टर देखने के नामपर अनभिज्ञता जतायी गयी। जबकि उन्हीं अधिकारियों के हस्ताक्षर से संस्था को भुगतान किया गया है।



