जौनपुर। उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ, भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के आह्वान पर शुक्रवार को शांतिपूर्ण आंदोलन के तहत विद्युत क्षेत्र की समस्याओं और मांगों को लेकर १० सूत्रीय ज्ञापन जिला अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इस आंदोलन का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना तथा ऊर्जा निगमों में व्याप्त समस्याओं का समाधान करना है। मजदूर संघ ने मांग किया कि निजीकरण का प्रस्ताव रद्द किया जाए, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली की जाए, रियायती बिजली सुविधा पर रोक समाप्त हो, मुकदमों और उत्पीड़न की कार्यवाही समाप्त किया जाने सहित आदि शामिल रहें। इस दौरान महामंत्री विवेक सिंह ने कहा, यह आंदोलन न केवल बिजली कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है, बल्कि यह जनहित और ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमारी मांगें श्रमिकों की वास्तविक अपेक्षाओं और जनता की सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। संघ ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि वह इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करे और शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करें। साथ ही, संघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित करने की मांग की गई है। इस अवसर पर फूल चन्द्र भारती, रंजन यादव, पवन कुमार, प्रणव सिंह, कुलदीप यादव, ऋषि श्रीवास्तव, शैलेश श्रीवास्तव, पीयूष सिंह सहित आदि उपस्थित रहें।
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विद्युत मजदूर संघ ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर सौंपा ज्ञापन

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