कन्नौज. जिले में बीते मार्च के महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर किसानों पर उस समय तो कम दिखा था. लेकिन अब गेहूं की कटाई के दौरान किसानों पर उसका बड़ा और प्रभावी असर देखने को मिल रहा है. कटाई के दौरान गेहूं में वह चमक नहीं दिखाई दे रही जो आमतौर पर होनी चाहिए और उसके साइज पर भी खासा असर पड़ा है. कहीं-कहीं गेहूं हल्का काला व पतला निकल रहा है. ऐसे में किसानों ने जो उम्मीद की थी पैदावार की उसमें भी उनको बड़ा नुकसान देखने को मिल रहा है.
जिले भर में 76 हज़ार हेक्टेयर रकबे में किसानों ने गेहूं की फसल बोई थी. अब किसान अपनी गेहूं की फसल को काटने में जुटा है. जब भी ट्रैक्टर ट्राली और थ्रेसर मिलता है किसान बिना-दिन दोपहर और रात देखे गेहूं की फसल को काटने में लगा है. मौसम की मार फसलों पर पड़ी है. मौसम की मार खाई उपज उनको घाटे का सौदा हो सकती है. बीती 30 मार्च को कन्नौज जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 2 दिन तक लगातार बारिश हुई थी. जिस पर गेहूं की फसल पर खास असर पड़ा था. लेकिन किसानों को उम्मीद थी कि गेहूं फसल पर ज्यादा कोई नुकसान नहीं होगा. लेकिन जब गेहूं की कटाई का समय आया तो उसमें गेहूं की फसल पर अच्छा खासा नुकसान देखा गया. गेहूं की चमक पर हल्का काला पन और और पतला गेहूं कटाई में निकल रहा है. जिसके चलते किसान को भारी नुकसान हुआ है. छिबरामऊ निवासी किसान गोपाल बताते है कि पूरे क्षेत्र में गेहूं की फसल पर मार्च में हुई बारिश के कारण बड़ा असर पड़ा है. उम्मीद के मुताबिक फसल करीब 30 प्रतिशत कम हुई है और गेहूं भी वैसा पैदा नहीं हुआ जो होना चाहिए. गेहूं में हल्का काला पन और पतलापन देखने को मिल रहा है. तो वहीं किसान भूरा यादव ने बताया कि मौसम की मार अब देखने को मिल रही है इस बार अच्छी फसल की उम्मीद हर किसान ने की थी. लेकिन कटाई के बाद देखने को मिल रहा है कि गेहूं में वो चमक नहीं है. जिससे चलते गेहूं पतला भी हो गया जिसका सीधा असर उसकी वजन की क्षमता पर पड़ा है और खेतों में गेहूं की पैदावार कम हुई नजर आ रही है.



