- बी ग्रेड के कर्मचारियों को चौथे ग्रेड में करने का मामला
जौनपुर धारा,जौनपुर। जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मेडिकल कॉलेज सिद्धिकपुर में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग बी ग्रेड के कर्मचारियों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन कर काम का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों को ज्ञापन दिया। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अनुभाग में 17कर्मचारियों का 28 दिन में दो बार कार्यक्षेत्र का पटल बदला गया।
जिसे लेकर काफी सवाल खड़े होने लगे हैं और कार्य क्षेत्र मे संशोधन होने के चलते शिक्षको छात्रों और कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी नर्सों का आरोप है कि उन्हें उनके मूल पद से हटा कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद पर तैनात कर दिया गया है और उनके वेतन में भी भारी कटौती की गयी है। नर्सों ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से नर्स के पद पर सेवाएं दे रही थीं, लेकिन अचानक कॉलेज प्रशासन ने उन्हें डिमोट कर दिया और वेतन घटा दिया। बता दें कि मेडिकल कर्मचारी ने सोमवार की सुबह चिकित्सा सेवा का बहिष्कार करके वह कॉलेज के सामने धरना प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों का आरोप था कि मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदार अधिकारी उनके साथ भेदभाव व मनमानी कर रहे हैं। बी और सी ग्रेड में कार्यरत पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ को अचानक चौथ गेट में समायोजित करने की साजिश में जुटे हैं। जिसके चलते उन्हें बहुत ही बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोमवार को उनसे इसके लिए शपथ पत्र मांगा गया था, लेकिन हम लोग शपथ पत्र देने से मना करते हुए चौथे ग्रेड में जाने से इनकार कर दिया जिस पर मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदार उनकी सेवाएं समाप्त करने की धमकी दे रहे हैं। धरना प्रदर्शन करने के दौरान प्रधानाचार्य डॉ.रुचिरा ने कर्मचारियों को एक काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया। वह नहीं माने इसके बाद मेडिकल कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करने के साथ-साथ वह विश्वविद्यालय में पहुंचे वह डीएम और जिले के प्रभारी मंत्री एके शर्मा का इंतजार करने लगे उन्हें ज्ञापन देना चाह रहे थे। उनके विलम्ब आने पर कर्मचारियों ने सीडीओ को ज्ञापन दिया और न्याय की गुहार लगाई। कर्मचारियों ने आरोप लगा कि पुराने सेवा प्रदाता सन फैसेलिटीज एण्ड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का अनुबन्ध समाप्त होते ही नई एजेंसी भारतीय सिक्योरिटी गार्ड्स एंड सर्विसेस को सेवा सौंप दी गई। जिसमें मनमानी कर रहे हैं लोगों से पैसे की वसूली कर रहे हैं। लोगों से कहा जा रहा है 15 से 20 हजार नहीं दोगे तो आपकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। तरह-तरह का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने जुड़े अधिकारियों को ज्ञापन सौपा है। सूचना पर सीडीओ मेडिकल कॉलेज में पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनी उनको आश्वासन दिया कि उनके साथ किसी तरह से उनका नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।



