ग्राम समाज की जमीन पर लगी थी उनकी प्रतिमा
जौनपुर धारा, जौनपुर। त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनन्य भक्त के रुप में प्रसिद्ध निषादराज आज कानूनी अड़चनों के चलते उनकी प्रतिमा चौबीस घंटे से क्षेत्र के थाने में कैद है। मामले में थानाध्यक्ष ने उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश को उनकी रिहाई का जरिया बताया। मामला क्षेत्र के भेला गांव में ग्राम समाज की जमीन पर बिना अनुमति के उनकी प्रतिमा लगाने से है। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिन पहले ग्राम समाज की जमीन पर गांव के ही एक वर्ग द्वारा बगैर प्रशासन की अनुमति के आनन फानन में चबूतरा बनाकर उस पर निषादराज की प्रतिमा स्थापित कर पूजा पाठ शुरू कर दिया गया था। इस बाबत ग्राम प्रधान रेखा द्वारा जानकारी जब तहसील और पुलिस प्रशासन को दी गई तो सभी के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में शनिवार को प्रशासनिक अमला मय फोर्स मौके पर पहुंचकर सबको मना करने लगा। एक बारगी तो वह वर्ग और प्रशासन आमने-सामने हो गया। अन्त में काफी जद्दोजहद व भारी पुलिस बल के बाद उपजिलाधिकारी शाहगंज शैलेन्द्र कुमार के समझाने बुझाने के बाद जेसीबी लगाकर जमीन को खाली कराया गया और प्रतिमा को कब्जे में ले लिया गया। फिलहाल निषादराज की प्रतिमा थाने में कैद कर ली गयी। आगे क्या होगा यह भविष्य के जद में है लेकिन वर्तमान में वह थाने के कैद में है। मामले में जब थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह से पूछा गया तो उन्होंने उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश को ही उनकी रिहाई का जरिया बताया।



