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डरा व अपमानित शिक्षक स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं कर सकता : फादर पी विक्टर

जौनपुर धारा, जौनपुर। चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल आजमगढ़ एवं हार्टमनपुर इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक को हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेजने के खिलाफ समस्त उत्तर प्रदेश के निजी विद्यालयों एवं डायसिस ऑफ वाराणसी द्वारा संचालित विद्यालयों के शिक्षक एवं प्रधानाचार्यो ने काली पट्टी बाँधकर विरोध प्रकट किया। इस अवसर पर डायसिस ऑफ वाराणसी द्वारा संचालित समस्त विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था। इस अवसर पर सेंटजॉन्स स्कूल सिद्दीकपुर के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने प्रार्थना सभा का आयोजन किया जिसमें दिवंगत छात्राओं, उनके अभिभावकों एवं जेल में बंद प्रधानाचार्यो तथा शिक्षकों के लिए विशेष प्रार्थना की गई। प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने समाज में हो रहे आत्महत्या जैसी अवांछनीय घटनाओं के प्रति चिंता प्रकट की और कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अभिभावकों को अपने परिवार एवं बच्चों के लिए समय निकालना होगा। जहाँ एक ओर माता-पिता अपने काम में और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं वहीं दूसरी ओर बच्चे भी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। माता-पिता द्वारा बच्चों के लिए समुचित समय निकालना आवश्यक है। शिक्षक एवं अभिभावकों के सम्मलित प्रयास से इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है। मोबाइल में अच्छी एवं बुरी दोनों प्रकार की सामग्री रहती है। जिस तरह पानी का स्वभाव नीचे गिरना है वैसे ही मानव स्वभाव भी अधोगामी होता है, खासकर किशोरावस्था में। जल को उर्ध्वगामी करने के लिए मोटर की जरूरत होती है और मानव स्वभाव को उर्ध्वगामी करने के लिए सत्संग एवं सद्ग्रन्थों का स्वाध्याय। माता-पिता एवं गुरुजन अपने व्यस्ततम समय में से भी अपने बच्चों के लिए समय निकालकर और उनका समुचित मार्गदर्शन करें तो बच्चे मोबाइल आदि से मिलने वाले कुसंग और आत्महत्या जैसी दु:खद घटनाओं से बच सकते हैं। फादर ने सरकार, सरकारी व्यवस्था, न्याययिक व्यवस्था एवं अभिभावकों से अपील की कि वे शिक्षकों के सम्मान के प्रति जागरूक हों। डरा हुआ शिक्षक एवं अपमानित शिक्षक एक स्वस्थ एवं सभ्य समाज का निर्माण नहीं कर सकता। काली पट्टी बाँधकर आज उसी सम्मान की माँग की गई जिसका शिक्षक हकदार है।

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