- अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की हुई बैठक
जौनपुर। बीआरसी करंजाकला परिसर में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों की बैठक हुई। जिसमें सरकार टेट की परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की और कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाए। बैठक को संबोधित करते हुए विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राममूरत यादव ने कहा कि शिक्षक महासंघ की पाती अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय के संदर्भ में टेट परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त किया जाए और इसके संदर्भ में सरकार व केंद्रीय अधिकारियों पर दबाव बनाना है। महासंघ का यह अभियान प्रदेश के 23शिक्षक संगठनों की एकजुट में चलाया जा रहा है। प्रथम चरण में शिक्षकों ने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्य न्यायाधीश नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री को सरकार को पत्र लिखकर मांग रखी है, कि आरटीआई एक्ट 2009 लागू होने से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों को टेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए बात करना अनुचित है। निरंजन प्रसाद ने बताया कि एक शिक्षक नियुक्ति समय एनसीटीई द्वारा निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा कर चुके थे, ऐसे में नौकरी के 22 से 25 वर्ष सेवा करने के बाद बच्चों की उम्र के छात्रों के साथ बैठकर परीक्षा देना कठिन है और तर्कसंगत भी नहीं है। एसोसिएशन वेलफेयर संगठन के उपाध्यक्ष बृजेश सिंह ने कहा कि 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के विपरीत नियम लागू करना और शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए बात करना मानसिक उत्पीड़न के समान है । संघ के संरक्षक देवेंद्र सिंह ने कहा पत्र लेखन अभियान 9 मार्च से शुरू होकर 15 मार्च तक चलेगा। जिसमें शिक्षकों ने पोस्टकार्ड और ईमेल के माध्यम से अपनी मांगे सरकार तक पहुंचा रहे हैं। इस अवसर पर श्रीप्रकाश पाल, अजीत कुमार, सुमन देवी, शाहिद अख्तर खान, श्रीपाल यादव, सुशीला देवी, रामसागर, राजेश गौतम, अशोक कुमार, संदीप सिंह, अजय रणजीत सिंह, विकास जायसवाल, अजय सिंह, किरण, सुनीता पाल, राजेंद्र, राकेश, सुशील, दिनेश मौजूद रहें।



