- लोगों की मांग : बेचने वालों पर दर्ज हो 307 का मुकदमा
- कई की जान ले चुका है प्रतिबंधित चाइनीज मांझा, फिर भी बिक्री जारी
जौनपुर। मकर संक्रांति का नजदीक आते ही पतंग उड़ाने वालों की आसमान पर उड़ती रंग-बिरगी पतंगें जहां खुशियां देती हैं। वही, इस पतंग की डोर किसी की मौत की वजह भी बन जाती है, और यह होता है चाइनीज मांझों के कारण। एक जमाने से मकर संक्रान्ति के अवसर पर पतंगबाजी का शौक लोगों के लिये मनोरंजन का साधन बना रहता है। लेकिन इधर कुछ वर्षों से खुशियों के इस पर्व के आस-पास चाइनीज मांझे से मौत की घटनाएं सामने आती हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल जारी है। बताते चलें कि कुछ वर्षों से पतंग उड़ाने के लिए ज्यादातर चाइनीज मांझे का इस्तेमाल होने लगा है, ये प्लास्टिक और धातु के मिश्रण से बना होता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तुलना में काफी धारदार होता है। ये इलेक्ट्रिक कंडक्टर होता है, जिसका मतलब ये है कि चाइनीज मांझे में करंट आने का खतरा रहता है। ये मांझा आसानी से टूटता भी नहीं है। आश्चर्य की बात तो यह है कि अवैध रूप से मांझा बेचने वाले दुकानदारों को पकड़ कर थाने लाया जाता है और बाद में शांति भंग जैसे आरोप में उनका चालान कर खाना पूर्ति कर दी जाती है। इसके बाद पुन: प्रतिबंधित मांझे की बिक्री शुरू हो जाती है, यह खेल कई वर्षों से चल रहा है। इस मांझे से कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद इस पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को समाजसेवी संस्थाओं द्वारा ज्ञापन सौंपा जा रहा हैं, ताकि चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगे जिससे पशु-पक्षियों और चाइनीज मांझे से होने वाली अन्य घटनाओं से बचा जा सके। चाइनीज मांझा के कारण अलग-अलग जगह से कटने के साथ ही कई मौत घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिससे पशु-पक्षियों और जनमानस को कई समस्याएओं से गुजरना पड़ता हैं। चाइनीज मांझे से कहीं पक्षियों के पंख कटने के मामले आते हैं तो कही पशुओं के पैरों में फसने से वे लहूलुहान हो जाते हैं।
सबको पता है कहां मिलेगा चाइनीज मांझा
चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम रहा है। चाइनीज मांझे के बारे में सामान्य दुकानदारों से पूछने पर पता चलता है कि चादनीज मांझा प्रतिबंध तो है, लेकिन जब तक ग्राहक हैं बेचने वाले भी लाते ही रहते हैं। सबको पता है कि चाइनीज मांझा की बिक्री कहां होती है लेकिन मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती।



