- एआरटीओ कार्यालय पर थूक कर फर्श भी कर दिया है लाल
जौनपुर। सरकार भले ही स्वच्छता अभियान चला कर सफाई के दावे और प्रयास करे लेकिन सच्चाई तो यह है कि सरकार के नुमाइंदे ही इस अभियान को पलीता लगाने से नहीं चूक रहे। रही सही कसर कुछ लोग पूरी कर देते हैं जो सफाई का मतलब ही नहीं समझते। सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान का पालन कितना और किस प्रकार होता है, इसकी हकीकत यहां लगे चेतावनी नोटिस और वहां की दीवारों और शौचालयों से लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी कर्मचारियों को पान, गुटखा नहीं खाने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन आलम यह है कि जिले में लगभग विभाग की दीवारें पान और गुटखे की पीक से दागदार हैं। दीवारों पर पीक के दागों ने सीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाती नजर आई। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम कार्यालय तक हर दीवार पान और गुटखे की गवाही देती है। कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने गुटखा खाने के बाद पीक मार कर दीवारें गंदी कर दीं हैं। डीएम समेत तमाम प्रशासनिक अफसरों के कार्यालयों से सजी कलक्ट्रेट में पान, गुटखे की पीक ने दागदार कर दिया है। वैसे तो कार्यालयों पर पान गुटखे से प्रतिबंधित है, लेकिन एआरटीओ कार्यालय में पान गुटखा खाने वालों ने फर्स रंग दी हैं। अधिकतर सरकारी दफ्तरों की दीवारें और शौचालय पान, गुटका और पान मसाले की पीक से लाल हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारी रोजाना अपने दफ्तर में जाते समय इन दीवारों को देखते हैं, लेकिन इन दीवारों की सफाई कराना शायद उन्हें उचित नहीं लगता।



