- आठ दिवसीय श्रीराम कथा का पांचवां दिन
जौनपुर धारा, जौनपुर। मानस सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के पांचवे दिन काशी से आई कथावाचक मानस कोकिला डॉ. सुधा पांडे ने संतमत के बारे में बताते हुए कहा कि संत लोक हितकारी चिंतन करता है। भौतिक युग के बाबा बनने वाले लोग समाज में निंदनीय कार्य करते है जैसे श्रीराम चरित मानस में कालनेमि ने किया था। शिव विवाह को बताते हुए कहा कि मानस में चार विवाह मुख्य रूप से हुआ है। प्रमुख रूप से शिव विवाह में नारद जी एवं श्रीराम के विवाह में ब्रह्मर्षि विश्वामित्र उपस्थित रहे। वहीं काम वासना मे लिप्त नारद एवं सुरपुरखा का विवाह स्वयं में रहा जो कि समाज के लिए निंदनीय का पात्र बना। कामवासना मनुष्य के जीवन में जब भी आता है तो वह आम कारणों को लेकर आता जो कि समाज हित में अनर्थकारी होता है। शिव विवाह को रेखांकित करते हुए कहा कि काम के बाण से जिसके नेत्र बंद हो जाए वह जीव है और जिसके नेत्र खुल जाए वह शिव है। इस अवसर पर गीता देवी, माधुरी देवी, दुर्गावती देवी, सोनम गुप्ता, मधु समेत पंडित श्रीभूषण मिश्र, पंडित श्रीराम सुमेर मिश्र, शरद कुमार मिश्र, नितिन सिंह, जयनाथ यादव, कृष्ण कुमार मिश्रा, श्यामधनी यादव समेत सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।



