विश्वविद्यालय के साइबर क्लब द्वारा हुआ आयोजन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन में साइबर क्लब के तत्वावधान में सेफर इंटरनेट-डे 2026 के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम स्मार्ट टेक, सुरक्षित निर्णय—एआई का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग रही। कार्यक्रम में आधुनिक डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन जोखिमों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित एवं जिम्मेदार प्रयोग पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में वैलनेस सेंटर के समन्वयक प्रो.अजय प्रताप सिंह ने कहा कि बौद्धिक क्षमताओं के विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का असंतुलित उपयोग खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर इंटरनेट ने जीवन के अनेक आयामों को सहज और सुविधाजनक बनाया है, वहीं एआई ने कई नई चुनौतियों और समस्याओं को भी जन्म दिया है। ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो.प्रदीप कुमार ने कहा कि एआई का प्रयोग जीवन में बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज नई और पुरानी दोनों पीढ़ियाँ एआई से प्रभावित हो रही हैं, ऐसे में सजगता और जिम्मेदार व्यवहार अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंजीनियरिंग संस्थान के डॉ.द्विवेंदु मिश्र ने सेफर इंटरनेट-डे की थीम पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इंटरनेट पर लगभग 90प्रतिशत सुरक्षा हमारी ‘गुड प्रैक्टिसेज़Ó पर निर्भर करती है, इसलिए सभी को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम इंटरनेट का उपयोग करते हैं तो हम बहुत-सा डेटा साइबर स्पेस में छोड़ते हैं, ऐसे में सुरक्षा के उपायों से परिचित होना आवश्यक है। डॉ.मिश्र ने जोर देते हुए कहा कि एआई और इंटरनेट का उपयोग रचनात्मक, शैक्षणिक और सकारात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, ताकि तकनीक मानव जीवन को बेहतर बना सके। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा एआई सुरक्षा एवं डीपफेक जागरूकता, वॉइस क्लोनिंग एवं फिशिंग स्कैम, पासवर्ड व मोबाइल सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव तथा जिम्मेदार एआई प्रथाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का विषय-प्रवर्तन एवं संचालन साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। वहीं अतिथियों का स्वागत डॉ.सत्यम उपाध्याय एवं धन्यवाद सह-नोडल अधिकारी डॉ.अन्नू त्यागी ने किया। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।



