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एसएसपी कुँवर अनुपम सिंह ने किया पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण

जौनपुर। Jaunpur SSP Inspection के तहत जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह...
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ईवीएम में कैद हुई प्रत्याशियों किस्मत, अब फैसले का इंतजार

  • जनता ने चुन लिया अपना सांसद, 4 जून को आयेगा जनादेश

जौनपुर धारा, जौनपुर। भीषण गर्मी के बीच शानिवार को लोकसभा चुनाव के लिए कड़ी टक्कर देने वाले और जोरदार मतदान के बाद चुनावी किस्मत का फैसला होने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। देशभर में वोटों की गिनती 4 जून को होगी।

जौनपुर के दो सीटों पर गठबंधन ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर मतदान का सहयोग मांगा तो वहीं भाजपा ने ‘मोदी विकास’ एजेंडा और हिंदुत्व के मुद्दे के साथ ही मोदी की गारंटी पर एक बार फिर भाजपा सरकार के लिये वोट मांगा। बसपा ने भी अपने कार्यकाल की उपब्धियां गिनाकर वोट जनता के बीच वोट की गुहार लगाते रहें। करीब दो महीने तक चले चुनाव अभियान में भाजपा, गठबन्धव व बसपा के नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ की गई तीखी आलोचना ने मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कई महत्वपूर्ण मुद्दों को दबा दिया। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा जौनपुर सीट के सांसद श्याम सिंह यादव ने पुराने गलतियों पर पर्दा डालते हुए फिर एक बार मौके की तलाश में लोगों के चौखटों को लांघते रहें तो वहीं भाजपा के प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने भी पहली बार जौनपुर से चुनाव लड़कर क्षेत्र की जनता सेवा करने के लिये मौका मांगा और यह कहते रहें कि एक बार सांसद बना दिजीये शिकायत का मौका नहीं दूंगा। वहीं सपा के बाबू सिंह कुशवाहा ने भी संविधान बचाने की गुहार लगाते हुए अपने पक्ष में मतदान के लिये लगातार जनता से अपील करतें रहें। जौनपुर व मछलीशहर लोकसभा चुनाव के बाद अब नतीजों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है क्योंकि भाजपा, गठबन्धन व बसपा के प्रत्याशी के बीच सीधा टक्कर रहा। तीनो के अपने मजबूत वोट बैंक है। लेकिन इस बार की लड़ाई त्रिकोणीय नहीं बल्कि सपा और भाजपा की सीधे बताई जा रही है। जिसमें अभी तक के एक्जीट पोल में सपा के बाबू सिंह कुशवाहा का पलड़ा भारी  पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि इन सभी आकड़ों पर 4 जून को अन्तिम मुहर लग जायेगी। जिसके बाद ही यह कंफर्म किया जा सकेगा कि किसका पलड़ा भारी है। हांलाकि एक माह की कड़ी मेहनत के बाद मतदान सम्पन्न होने के बाद प्रत्याशी, उनके समर्थक व जिला प्रशासन ने चैन की सांस ली। अब इनके परिणाम तक सभी की सांसे अटकी हुई है। वैसे जनता ने अपना फैसला कर दिया है अब बारी सतवें व अन्तिम चरण के चुनाव बाद मतगणना की है जिसके बाद ही लोगों को अपने जनप्रतिधि के रूप में नये सांसद की जानकारी हो सकेगी।

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