जौनपुर। हजरत इमाम हसन अस्करी अ.स. की शहादत की याद में इस साल भी अजाखाना शहंशाह हुसैन जर्रार हुसैन व स्व.अन्सर मास्टर मोहल्ला सिपाह में इस्लामिक माह 8रबीउल अव्वल सोमवार की सुबह 11बजे एक मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस में सबसे पहले सोजखानी गौहर अली जैदी व उनके हमनवा ने पड़ी। मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना फजले मुमताज ने इमामे हसन अस्करी व करबला के मसायब बयान किया। बाद खत्म मजलिस शबीहे ताबूत इमाम हसन अस्करी, अलम, जुल्जनाह व अमारियां बरामद हुई जिसके हमराह अंजुमन अजाए अहलेबैत, अंजुमन मासूमिया, अंजुमन गुलशने इस्लाम बजारभूवा नौहा मातम करते हुए अपने कदीम रास्तों से होकर इमामबाड़ा नबी स्थित कर्बला पहुंचा। जहां ताबूत को ठण्डा किया गया, साथ ही मोहर्रम के दो महीने 8दिन के उपरान्त अय्यामे अजा के आखिरी दिन का समापन हुआ। इसके पहले रविवार की रात भर लोगों ने अपने इमामबाड़ों में नौहा मातम किया। कई इलाकों के इमाम चौक पर ताजिया भी रखा गया। इमामबाड़ों में नौहाख्वानी के साथ लोगों ने आसुओं का नजराना पेश किया।
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