केराकत। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और कार्रवाई सिर्फ एक-दो अस्पतालों तक सीमित रह जाती है, जबकि कई अन्य अस्पताल मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। बताया जाता है कि स्टेशन रोड सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कई निजी अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम बेसमेंट तथा छोटे कमरों में चल रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केराकत के पास स्थित कुछ अस्पतालों के संचालन को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कई संस्थानों में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, इसके बावजूद वहां मरीजों का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी जांच की कार्रवाई होती है तो वह औपचारिकता बनकर रह जाती है। कई अस्पताल बिना पंजीकरण और पर्याप्त संसाधनों के संचालित हो रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बाजारवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जो संस्थान मानकों के विपरीत पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
केराकत। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों...
अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल



